-
1271
छात्र -
995
छात्राएं -
76
कर्मचारीशैक्षिक: 62
गैर-शैक्षिक: 14
ताज़ा खबर
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय नंबर 1 ग्वालियर केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख संस्थानों में से एक है। यह हमारे देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े केन्द्रीय विद्यालयों में से एक है।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
केवीएस उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और अपने छात्रों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास करता है।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रीमती शाहिदा परवीन
उपायुक्त
प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समस्त केंद्रीय विद्यालय परिवार, सप्रेम नमस्कार। केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म न केवल सूचना और संसाधनों का केंद्र है, अपितु यह हमारे साझा शैक्षिक दृष्टिकोण, मूल्यों और प्रयासों का प्रतिबिंब भी है। मुझे यह संदेश साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग, केविसं (मु०) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशन में निरंतर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंडों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भारत जैसे विविधता-सम्पन्न देश में शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं है, यह सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना का संवाहक भी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में भारत सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और एकसमान शिक्षा प्रदान की जा सके। आज KVS न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शिक्षा की एक सशक्त शृंखला बन चुका है, जिसमें लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हजारों शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखा रहे हैं। हमारे देश की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान करती है। यह केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात नहीं करती, बल्कि यह समावेशी, बहु-विषयक, और छात्र-केंद्रित शिक्षा की बात करती है। KVS ने NEP 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की हैं: • Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिक कक्षाओं में लागू करना। • बहु-भाषिकता को प्रोत्साहन देना। • कला एकीकरण (Art Integration) और खेल आधारित शिक्षा (Sports Integration) को कक्षा शिक्षण में समाहित करना। 21वीं सदी के कौशल जैसे कि आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता पर बल देना। ये सभी प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हमारे कार्यरत शिक्षकगण न केवल ज्ञान के दाता हैं, बल्कि वे एक संरक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका भी निभाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, उन्हें आत्म-शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, और एक उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढालते हैं। हमारे शिक्षकगण निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और नवाचारों के माध्यम से अपने शिक्षण को अद्यतन और प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालयों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं। KVS के विद्यार्थी पूरे देश में अपनी योग्यता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के लिए पहचाने जाते हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विज्ञान, खेल, कला, और संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर KVS के छात्रों की उपस्थिति हमें गर्व से भर देती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी की विशेषताओं और रुचियों को समझते हुए उन्हें उस दिशा में अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें। विद्यालयों में अब केवल किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं, बल्कि समग्र विकास (Holistic Development) को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। शिक्षा भी इससे अछूती नहीं रही है। विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, KVS ने तकनीक को अपनाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की। हमने ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासरूम्स, शिक्षकों द्वारा बनाए गए डिजिटल संसाधन, और स्वयं पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स को प्रभावी रूप से अपनाया। भविष्य में भी हम तकनीक के माध्यम से शिक्षण और अधिगम को और अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारे विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ATL (Atal Tinkering Labs), Coding Clubs, Robotics Workshops जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। KVS प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत महत्त्व देता है। विद्यालय प्रबंधन समितियों में अभिभावकों की भागीदारी, विद्यालय स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन, और अभिप्राय संग्रहण की प्रक्रिया हमें हमारी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। हम अभिभावकों से अनुरोध करते हैं कि वे विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लें, शिक्षकों से संवाद बनाए रखें और अपने बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। KVS का लक्ष्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो: • विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाए, • उनमें संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव विकसित करे, • उन्हें नवाचार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करे, • तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाए। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे विद्यालय "ज्ञान, चरित्र और सेवा" के त्रिसूत्रीय मंत्र को आत्मसात करें और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो शिक्षित, सशक्त और समृद्ध हो। अंत में, मैं सभी विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहती हूँ कि अपने सपनों को साकार करने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्म-विश्वास को अपना साथी बनाइए। हर चुनौती आपके लिए एक अवसर है, और हर असफलता सीखने की एक सीढ़ी। शिक्षकों से अपेक्षा करती हूँ कि वे विद्यार्थियों के जीवन को मूल्यवान और अर्थपूर्ण बनाने में अपनी भूमिका को दृढ़ता से निभाएँ। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे विद्यालय के साथ मिलकर एक सशक्त भविष्य निर्माण में सहयोग करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शैक्षिक वातावरण का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वाभिमानी, सक्षम और संवेदनशील नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सके। धन्यवाद। (शाहिदा परवीन) उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल संभाग
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राजेश पाण्डे
प्राचार्य
आइए हम शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी क्षमताओं को विकसित करने के साधन के रूप में सोचें, क्योंकि हममें से प्रत्येक में एक निजी आशा और सपना है जिसे पूरा करने पर, सभी के लिए लाभ हो सकता है।
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शैक्षणिक योजनाकार
एक अकादमिक योजनाकार, छात्रों की मदद के लिए डिज़ाइन की गई एक पुस्तक है।
शैक्षिक परिणाम
यह छात्रों द्वारा आधारित समग्र शैक्षणिक उपलब्धि को संदर्भित करता है।
बाल वाटिका
बाल वाटिका कार्यक्रम कक्षा 1 से पहले के बच्चों के लिए बनाया गया है।
निपुण लक्ष्य
कक्षा-3 तक के छात्रों के लिए बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता कार्यक्रम
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
चयनित विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त एवं उपचारात्मक कक्षाएँ।
अध्ययन सामग्री
छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकें, नोट्स आदि जैसे संसाधन।
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
स्टाफ सदस्यों के व्यावसायिक विकास के लिए।
विद्यार्थी परिषद
छात्र नेताओं का समूह विद्यालय समुदाय की भलाई के लिए काम करता है।
अपने स्कूल को जानें
के.वि.१ ग्वालियर, केविसं के सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख संस्थानों में से एक है |
अटल टिंकरिंग लैब
एक कार्यक्षेत्र, जहां युवा दिमाग अपने विचारों को आकार दे सकते हैं।
डिजिटल भाषा लैब
छात्रों के बीच भाषा सीखने को बढ़ावा देना।
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना |
पुस्तकालय
विद्यालय में ज्ञान का प्रसार करना।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
वैज्ञानिक अनुसंधान एवं प्रयोग करना।
भवन एवं बाला पहल
विद्यालय के भौतिक वातावरण को सीखने में सहायता के रूप में विकसित करना।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल और शारीरिक फिटनेस को समान महत्व।
एसओपी/एनडीएमए
विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए संरचित प्रतिक्रिया प्रदान करना।
खेल
विभिन्न खेल गतिविधियों में स्कूली छात्रों की भागीदारी।
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
विद्यार्थियों को आवश्यक सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करना।
शिक्षा भ्रमण
छात्रों के सीखने और विकास को अधिकतम करना।
ओलम्पियाड
बच्चों की प्रतिभा और कौशल को उजागर करना।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
छात्रों की रचनात्मकता और नवीनता को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना।
एक भारत श्रेष्ठ भारत
राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकीकरण और आपसी समझ को बढ़ावा देना
हस्तकला या शिल्पकला
अपने हाथों से चीज़ें बनाने से जुड़ी गतिविधियाँ।
मजेदार दिन
प्राथमिक विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित करना।
युवा संसद
छात्रों को संसदीय कार्यप्रणाली से परिचित कराना।
पीएम श्री स्कूल
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना।
कौशल शिक्षा
छात्रों के लिए व्यावहारिक अभ्यास और वास्तविक दुनिया में अनुप्रयोग विकसित करना।
मार्गदर्शन एवं परामर्श
व्यक्तियों की सहायता करना और उनकी शैक्षिक क्षमताओं का विकास करना
सामाजिक सहभागिता
अपनी समस्याओं को हल करने में छात्रों की भागीदारी।
विद्यांजलि
विद्यांजलि, शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की एक पहल है |
प्रकाशन
दूसरों के साथ संवाद करने के लिए.
समाचार पत्र
समय-समय पर भेजा जाने वाला एक ईमेल जो दर्शकों को सूचित करता है।
विद्यालय पत्रिका
स्कूल पत्रिका बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक उपकरण है।
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छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
अटल लैब - छात्रों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स
विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम
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एमिटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनी
एमिटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनी
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
वर्ष २०२३-२४
परीक्षा 186 उत्तीर्ण 182
वर्ष २०२२-२३
परीक्षार्थी 200 उत्तीर्ण 192
वर्ष २०२१-२२
परीक्षार्थी २३६ उत्तीर्ण २२२
वर्ष २०२०-२१
परीक्षार्थी २५४ उत्तीर्ण २५४
वर्ष २०२३-२४
परीक्षार्थी 117 उत्तीर्ण 117
वर्ष २०२२-२३
परीक्षार्थी 180 उत्तीर्ण 169
वर्ष २०२१-२२
परीक्षार्थी 209 उत्तीर्ण 207
वर्ष २०२०-२१
परीक्षार्थी 174 उत्तीर्ण 174